नई दिल्ली: यमन में मौत की सजा का सामना कर रहीं भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को बचाने के प्रयासों के बीच एक बड़ा फ्रॉड सामने आया है। सोशल मीडिया पर विदेश मंत्रालय (MEA) के नाम से एक फर्जी बैंक अकाउंट नंबर शेयर किया गया है, जिसमें लोगों से 8.3 करोड़ रुपये की डोनेशन मांगी जा रही है। इस धोखाधड़ी पर विदेश मंत्रालय ने सख्त चेतावनी जारी की है और लोगों से ऐसे किसी भी झांसे में न आने की अपील की है।
यह फर्जीवाड़ा एक ट्विटर (अब एक्स) अकाउंट से किया जा रहा है, जिसे खुद को ईसाई धर्म प्रचारक डॉ. एके पॉल बताया गया है। इस अकाउंट से ‘सेव निमिषा प्रिया’ नामक एक पोस्टर के साथ दावा किया गया कि भारत सरकार के खाते में पैसे जमा कर निमिषा को बचाया जा सकता है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का एक फर्जी अकाउंट नंबर भी दिया गया, जिसे MEA का बताया गया।
मामले के वायरल होते ही विदेश मंत्रालय के फैक्ट चेक हैंडल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा, “सरकार ने किसी भी तरह की डोनेशन अपील नहीं की है। सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही जानकारी पूरी तरह फर्जी और धोखाधड़ी है। कृपया कोई भी व्यक्ति इस जाल में न फंसे।”
यह फर्जी अभियान उस समय सामने आया है जब यमन में निमिषा प्रिया को माफ करवाने की सभी कोशिशें लगभग नाकाम साबित हो रही हैं। हाल ही में केरल के एक उलेमा ने मृतक तलाल आबदो मेहदी के परिवार से बात कर मध्यस्थता करने की कोशिश की, लेकिन परिवार ने साफ मना कर दिया। मृतक के भाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “हम अपने भाई के खून का सौदा नहीं करेंगे” और यमन सरकार से निमिषा को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग की है।